शायद अब कभी लौट ना पाऊं खुशियों के बाजार में, गम ने ऊंची बोली लगाकर खरीद लिया है मुझे…

कुछ ना बचा मेरे इन दो खाली हाथों में, एक हाथ से किस्मत रूठ गई, तो दूसरे हाथ से मोहब्बत छूट गई।

याद आते हैं तो फिर टूट के याद आते हैं गुजरे हुए लम्हे, बिछड़े हुए लोग..!🖤